Monday, December 17, 2018

अगर आपके घर में एक कमरा भी खाली है | तो आपका खुद का होटल खोलने का शौक पूरा हो गया समझिये |

होटल की बजाय किसी घर या अपार्टमेंट में ठहरना होम स्टे कहलाता है. इसने अब कारोबार की सूरत ले ली है. इससे जहां यात्रियों को होटल की बजाय कम खर्च पर ठहरने की जगह मिल जाती है. वहीं, मकान मालिकों की आमदनी का भी रास्ता खुलता है.
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि किराए पर देने के लिए आपके पास एक बेडरूम है या डॉरमेटरी जैसा कोई साझा करने वाला स्थान या फिर अपार्टमेंट. हर तरह से होमस्टे आपके लिए कमाई का दरवाजा खोलता है.
उदाहरण के लिए आगरा के सना और शैलेश चाहर को लेते हैं. अपने तीन मंजिला घर के दो फ्लोर को उन्होंने होम स्टे के लिए बदला है. उन्होंने तीन लिस्टिंग कराई हैं. दूसरे फ्लोर में दो रूम जिनमें प्रत्येक कमरे का किराया 1,600 रुपये है. तीसरे फ्लोर में गार्डन टैरेस के साथ अपार्टमेंट जिसका 2,500 रुपये किराया है. सना कहती हैं, "हम अपने गेस्ट को किचन और लिविंग एरिया का इस्तेमाल करने की पूरी आजादी देते हैं. मैं खुद गेस्ट के लिए ब्रेकफास्ट बनाती हूं." इससे न केवल उन्हें अतिक्त आमदनी होती है, बल्कि तरह-तरह की संस्कृति के लोगों से मुलाकात करने का भी मौका मिलता है. सना ने जर्मनी, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कई अन्य देशों से आए मेहमानों की मेजबानी की है.

कितनी आमदनी की उम्मीद? 
किराए पर रूम या अपार्टमेंट देने वाले लोगों की कमाई कई बातों पर निर्भर करती है. इसमें सबसे अहम है कि जो जगह दी जा रही है वह कितनी बड़ी है. सिंगल बेडरूम के लिए कम पैसे मिलता है. इससे भी कम पैसे छोटी और साझा की जाने वाली जगह के लिए मिलते हैं. यही वजह है कि बग्गा ने अपने अपार्टमेंट के दो रूमों को अलग-अलग लिस्ट कराया है. इनमें प्रत्येक कमरे का किराया 1200 रुपये है. पूरे अपार्टमेंट को 3,000 रुपये रोज के किराये पर दिया जाता है. न्हें महीने में बेडरूमों के लिए औसत 15 बुकिंग्स मिलती हैं. इससे वह 15,000 से 75,000 रुपये के बीच कमा लेते हैं. मांग सीजन पर निर्भर करती है. सबसे ज्यादा मांग सर्दियों में रहती है. 

अगर आप ग्वालियर के रहने वाले हैं तो इन दो वेबसाइट पर आप आसानी से अपनी अपनी प्रॉपर्टी की लिस्टिंग करा सकते हैं |



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